- रिपोर्ट -घनश्याम शर्मा
- कोतमा से इस वक्त बड़ी खबर—
जहाँ कोतमा पुलिस ने पशु तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए
22 नग मवेशियों से भरी एक ट्रक को ज़ब्त किया है।
पुलिस की इस कार्यवाही को लेकर कहा जा रहा है कि
👉 जांच जारी है
👉 तस्करों से पूछताछ की जा रही है
लेकिन…
सबसे बड़ा सवाल अब भी ज़िंदा है!
❓ आखिर इस पूरे पशु तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है?
❓ इतनी बड़ी खेप के पीछे कौन देता है संरक्षण?
❓ और अगर पुलिस के हाथ इतनी बड़ी सफलता लगी है,
तो फिर अब तक मास्टरमाइंड का नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?
यह कोई पहली बार नहीं है…
जब ज़मीन पर छोटे मोहरे पकड़े गए हों
और असल खेल के खिलाड़ी परदे के पीछे सुरक्षित बैठे हों।
सूत्रों की मानें तो
पशु तस्करी का यह धंधा
👉 संगठित नेटवर्क
👉 बड़े पैसों
और 👉 ऊपर तक पहुंच के बिना संभव नहीं।
ऐसे में सवाल सिर्फ एक नहीं…
कई हैं—और बेहद गंभीर हैं।
📢 क्या जांच सही दिशा में जा रही है?
📢 या फिर हमेशा की तरह मामला
“ट्रक पकड़ा, कार्रवाई दिखाई और फाइल बंद”
तक ही सीमित रह जाएगा?
👉 खबर का असर अब प्रशासन पर साफ दिखाई दे रहा है,
लेकिन जनता जवाब चाहती है—
नाम चाहिए… चेहरा चाहिए… और सख्त कार्रवाई चाहिए।
हम इस खबर पर लगातार नज़र बनाए रखेंगे,
क्योंकि सवाल जनता का है…
और जवाब ज़िम्मेदारों को देना होगा।

