शहडोल (पत्रकार घनश्याम शर्मा)
*रामपुर/शहडोल। रामपुर बटुरा खदान के किसानों ने आज शालीनता और आक्रोश का एक अनूठा संगम पेश किया। एसईसीएल (SECL) के रेस्ट हाउस पहुंचे बिलासपुर मुख्यालय के निदेशक तकनीकी श्री रमेश चंद्र महापत्रा, GM बी.के. जैन और GM संचालन मनीष श्रीवास्तव का किसानों ने पहले गुलदस्ता भेंट कर आत्मीय स्वागत किया, लेकिन उसके तुरंत बाद 10 साल से लंबित मांगों का ‘ज्ञापन’ सौंपकर व्यवस्था पर तीखे सवाल दाग दिए।*
*👉फूलों के स्वागत के बाद चली ‘सवालों की आंधी’*
*सामाजिक कार्यकर्ता भूपेश शर्मा और पत्रकार घनश्याम कुमार शर्मा की उपस्थिति में हुए इस घेराव में किसानों ने स्पष्ट किया कि उनका स्वागत केवल एक परंपरा है, लेकिन उनका संघर्ष एक संकल्प है। किसानों ने अधिकारियों को बताया कि कैसे पिछले एक दशक से उन्हें मुआवजे और रोजगार के नाम पर केवल छला जा रहा है।*
*👉मुद्दे जो अधिकारियों को चुभे:*
*7 लाख का हक: “साहब, जो 7 लाख की राशि प्रशासन ने तय की थी, वह हमारे खातों तक क्यों नहीं पहुँची?”*
*जमीन और रास्ता: बिना अधिग्रहण कोयला निकालने और रास्ता बंद करने जैसी गंभीर विसंगतियों पर किसानों ने गहरी आपत्ति दर्ज कराई।*
*👉अंतिम अल्टीमेटम: गुलदस्ता देने वाले इन्हीं हाथों ने चेतावनी भी दी कि यदि अब समाधान नहीं हुआ, तो यही हाथ खदान के चक्के जाम करेंगे।*
*👉इनकी रही मौजूदगी:-*
*इस दौरान रामपुर स्थानीय नेता भूपेश शर्मा जनपद सदस्य चंद्र कुमार तिवारी, सांसद प्रतिनिधि राजकमल मिश्रा, आदित्य त्रिपाठी बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। पत्रकार घनश्याम कुमार शर्मा ने भी इस दौरान किसानों के पक्ष को मजबूती से रखने में अपनी भूमिका निभाई।*

