बस स्टैंड में बंद सुलभ कॉम्प्लेक्स जनता बेहाल,प्रशासन मौन,ठेकेदार बेलगाम

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बस स्टैंड में बंद सुलभ कॉम्प्लेक्स जनता बेहाल,प्रशासन मौन,ठेकेदार बेलगाम

अनूपपुर। जिला मुख्यालय नगर के सबसे व्यस्त सार्वजनिक स्थल अनूपपुर बस स्टैंड में स्थित सुलभ शौचालय कॉम्प्लेक्स का आज प्रातःकाल से बंद रहना प्रशासनिक लापरवाही और गैर-जिम्मेदार व्यवस्था का जीता-जागता उदाहरण बन गया।हजारों यात्रियों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को दिनभर भारी असुविधा झेलनी पड़ी, लेकिन नगर पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी ने जनता को निराश कर दिया।सबसे बड़ा सवाल यह है कि बस स्टैंड जैसे अति महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर यदि सुलभ कॉम्प्लेक्स बंद रहता है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है?क्या ठेकेदार मनमाने तरीके से जनसुविधाएं बंद कर सकता है?यदि नहीं, तो अब तक उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सुलभ कॉम्प्लेक्स के ठेकेदार की लापरवाही एवं जिद के चलते यह स्थिति बनी, लेकिन इससे भी अधिक चिंताजनक तथ्य यह रहा कि नगर पालिका अनूपपुर का प्रशासनिक अमला और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि पूरे घटनाक्रम में उदासीन दिखाई दिए। न तो वैकल्पिक व्यवस्था की गई, न ही मौके पर कोई अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचा।यह स्थिति स्वच्छ भारत मिशन, नगर पालिका की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सीधा प्रश्न खड़ा करती है। क्या आम जनता की गरिमा, सुविधा और स्वास्थ्य का कोई मूल्य नहीं है?क्या प्रशासन केवल कागजी योजनाओं और फोटो सेशन तक सीमित रह गया है?स्थानीय नागरिकों और यात्रियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि शीघ्र ही सुलभ कॉम्प्लेक्स का नियमित संचालन सुनिश्चित नहीं किया गया और लापरवाह ठेकेदार पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर जनसमस्या पर कब जागते हैं, या फिर जनता की पीड़ा यूँ ही नजरअंदाज होती रहेगी।

Bhupendra Patel
Author: Bhupendra Patel

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