केंद्र से नदारत अनूपपुर पैक्स प्रबंधक रोहित सिंह एटीट्यूड के साथ किसानों का कर रहा दोहन

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केंद्र से नदारत अनूपपुर पैक्स प्रबंधक रोहित सिंह एटीट्यूड के साथ किसानों का कर रहा दोहन

अनूपपुर/प्रदेश भर में इन दोनों धान खरीदी का कार्य चल रहा है जो अपने अंतिम पायदान पर है किसानों के धान खरीदी में शोषण और लूट का मामला आए दिन समाचार पत्रों की सुर्खियां बटोर रही है प्रशासन भले ही सजकता के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही हो परंतु धान खरीदी केदो में किसानों के साथ दुर्व्यवहार शोषण दोहन बड़ी तेजी से की जा रही है। 

मंडी धान खरीदी केंद्र से नदारत रहते प्रभारी

अनूपपुर पैक्स अंतर्गत धान खरीदी केंद्र कृषि उपज मंडी प्रांगण में है जहां के प्रबंधक रोहित सिंह केंद्र से हमेशा नदारत मिलते हैं और समस्त जवाब देही अपने कर्मचारियों के भरोसे छोड़कर पता नहीं कहां गुम हो जाते हैं मीडिया की टीम कई बार धान खरीदी केंद्र में जायजा लेने पहुंचे तो वहां प्रबंधक तो नहीं उनके कर्मचारी ही मिले, पूछा गया तो बोले पता नहीं कहां गए हैं प्रशासन जब प्रबंधक को धान खरीदी केंद्र का मुखिया बना के रखा है जिसका कार्य है कि स्थल पर उपस्थित होकर सभी प्रकार की अव्यवस्थाओं को दूर करें और पहुंचने वाले आगंतुकों को संपूर्ण जानकारी प्रदान करें परंतु इन महाशय से फोन पर भी बात किया जाता है तो बोला जाता है कि मैं बाहर हूं क्या इसी बात के लिए प्रशासन इन्हें प्रभारी बनाकर रखा है।

खरीदी केंद्र में हो रहा किसानों का दोहन 

धान खरीदी केंद्र कृषि उपज मंडी प्रांगण अनूपपुर में पहुंचने पर वहां पर उपार्जन करने आए किसानों से जब पूछा गया तो उनके द्वारा जानकारी दी गई की प्रबंधक धान खरीदी केंद्र के प्रभारी को तो हम नहीं देखे हैं यही कर्मचारी लोग उपस्थित रहते हैं धान खरीदी के बारे में बताया गया कि प्रत्येक बोरी में 40 किलो 400 ग्राम के स्थान पर 41 किलो धान भरवाया जाता है,धान की क्वालिटी ग्रेड कम अथवा खराब बताया जाकर पैसा ऐंठने का काम भी किया जाता है।बोरा तौल का मजदूरी की राशि कभी भी इनके द्वारा किसानों को प्रदान नहीं किया जाता है। इस राशि को बाकायदा उनके द्वारा अपने निजी उपयोग में बंदर बांट कर लिया जाता है। शासन से मिलने वाली विभिन्न प्रकार की सुविधाओं को उनके द्वारा ठेंगा दिखाया जा रहा है खरीदी केंद्र में किसानों के लिए समुचित बैठने एवं स्वच्छ जल की भी व्यवस्था सही नहीं है।

खाद बीज के नाम पर भी हमेशा किसान होते रहे परेशान 

विगत माह खेती बुवाई के समय पैक्स प्रबंधक रोहित सिंह की स्वेच्छाचारी रवैया के कारण किसान खाद बीज के लिए परेशान देखे गए हैं इनके द्वारा किसानों को समय पर केसीसी ऋण की व्यवस्था नहीं कराई गई जबरन का पुराना कर्ज बात करके उनका शोषण किया गया जिससे किसानों के समय पर खेती न होने के कारण काफी नुकसान सहना पड़ा। धान गेहूं बुवाई के समय बीज एवं खाद की अनुपलब्धता बात कर अत्यधिक परेशान करने का काम किया गया। जब किसान इन्हें सुविधा शुल्क घूस उपलब्ध करा देते थे तो उनका काम तुरंत बन जाता था। इनके द्वारा भ्रष्टाचार की गंगा इस कदर पैक्स अनूपपुर के अंतर्गत एवं धान खरीदी केंद्र में बहाई गई है जो विकराल नदी का रूप ले लिया है। इनसे अगर कोई बात करना चाहे तो इनका एटीट्यूड इतना ज्यादा है कि यह महोदय किसी से मुलाकात बात नहीं करना चाहते हैं बस झट से फोन काट देते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि इनका रवैया किसानों के प्रति कितना अच्छा है ऐसे भ्रष्ट स्वेच्छाचारी प्रबंधक को प्रशासन से कड़ी कार्यवाही की अपेक्षा किसानों ने जताई है।

Bhupendra Patel
Author: Bhupendra Patel

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