जैतहरी पुलिस पर आरोप मारपीट की घटना में नहीं हुई कार्यवाही,एसपी से न्याय की मांग

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APR NEWS , भूपेंद्र कुमार पटेल उपसंपादक 

अनूपपुर/जिले के जैतहरी थाना अंतर्गत ग्राम बलबहरा में घटित मारपीट की दर्दनाक घटना ने न केवल क्षेत्र में सनसनी फैला दी है बल्कि पुलिस की निष्क्रियता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रार्थियों का आरोप है कि जानलेवा हमले में घायल पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाय थाना जैतहरी पुलिस ने हल्की धाराओं में मामला दर्ज कर खानापूर्ति कर दी।

 

कैसे हुआ हमला

 

25 अगस्त 2025 की रात करीब 10 बजे पीड़ित अपने घर पर टीवी देख रहा था। तभी बिजली के बार-बार धीमे-तेज होने से टीवी बंद हो गया। बाहर निकलकर देखने पर पता चला कि पड़ोसी हीरालाल यादव अपनी चक्की का कनेक्शन सुधार रहा था। पीड़ित ने उसे लाइट सामान्य होने के बाद मरम्मत करने की बात कही। इसी बात पर भड़क उठा विवाद। देखते ही देखते हीरालाल यादव और उसका पुत्र सुनील यादव लाठी-डंडे लेकर आवेदक पर टूट पड़े। दोनों ने गाली-गलौज करते हुए पीड़ित के सिर, पीठ और कमर पर बेरहमी से प्रहार किए। पीड़ित गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गया। इस दौरान शांता यादव (पत्नी हीरालाल) लगातार अश्लील गालियां देती रही और हमलावरों को उकसाती रही कि आज इसे खत्म कर दो। प्रत्यक्षदर्शियों के सामने अधमरे हालत में भी आरोपी पीड़ित को घसीटते रहे और धमकी दी कि आज बच गया, अगली बार जान से मार देंगे।

 

भतीजे ने बचाई जान

 

करीब आधे घंटे बाद जब पीड़ित का भतीजा केशव प्रसाद यादव घर लौटा तो उसने अपने चाचा को खून से लथपथ, बेहोशी की हालत में सड़क पर पड़ा पाया। किसी तरह पत्नी की मदद से उन्हें घर लाया और होश में आने पर पूरी घटना की जानकारी मिली। अगले दिन (26 अगस्त) घटना की लिखित शिकायत थाना जैतहरी में की गई।

 

पुलिस पर पक्षपात का आरोप

 

पीड़ित का गंभीर आरोप है कि—

पुलिस ने शांता यादव का नाम रिपोर्ट से हटा दिया। सही धाराओं में अपराध दर्ज करने के बजाय केवल हल्की धाराओं में केस बनाया। घटना के कई दिन बीतने के बावजूद आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हुए।

इस रवैये से आरोपियों का मनोबल और बढ़ गया है और वे खुलेआम धमकियां दे रहे हैं।

 

पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार 

 

घायल पीड़ित ने अनूपपुर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर तीन प्रमुख मांगें की हैं—1. शांता यादव के विरुद्ध अलग FIR दर्ज की जाए।2.आरोपियों पर सख्त धाराएं लगाई जाएं ताकि हमले की गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई हो सके।3. तुरंत गिरफ्तारी की जाए, जिससे पीड़ित और उसका परिवार सुरक्षित महसूस कर सके।

APR NEWS
Author: APR NEWS

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