दो सौ मीटर के दायरे में मिला बाघ-बाघिन का शव
रिपोर्ट -जगदीशभट्ट
करंट से हुई मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
शहडोल/उमरिया। शहडोल उत्तर वन मण्डल के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत करपा सर्किल में बाघ और बाघिन के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। दोनों शव महज दो सौ मीटर की दूरी पर पाए गए, जिससे मामले को बेहद गंभीर माना जा रहा है। जिस क्षेत्र में दो शव बरामद हुए हैं, वह बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और संजय दुबरी टाइगर रिजर्व को आपस मे जोड़ने वाला कॉरिडोर है, जहां से अक्सर बाघ आवा-गमन करते हैं। लेकिन इस क्षेत्र में इस तरह की घटना ने वन विभाग पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वन्यजीव प्रेमियों का आरोप है, कि दो बाघों के मिले हुए शव वन अमला की लापरवाही की भेंट है।
करंट से मौत की आशंका, अवैध तार बिछाने का शक
सूत्रों के मुताबिक मिली जानकारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि अवैध रूप से फैलाए गए करंट की चपेट में आने से दोनों की मौत हुई है। शहडोल उत्तर वन मंडल के बनचाचर बीट अंतर्गत करपा सर्किल के आरएफ 382 क्षेत्र के पास दोनों शव संदिग्ध अवस्था में मिले हैं।
रविवार रात मिला पहला शव, सोमवार तड़के दूसरा
जानकारी के अनुसार रविवार रात सबसे पहले एक बाघ का शव मिलने की सूचना वन विभाग को मिली। टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। इसी दौरान सोमवार तड़के उसी इलाके में बाघिन का शव भी बरामद हुआ।
डॉग स्क्वाड और विशेष टीम जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है। डॉग स्क्वाड और विशेष जांच दल को मौके पर तैनात किया गया है। वन विभाग अवैध करंट फैलाने वालों की तलाश में जुटा है। वहीं फ़िलहाल वन विभाग द्वारा घटना स्थल पर जाने से लोगों पर प्रतिबंधत कर दिया गया है।
वन्यजीव सुरक्षा पर बड़ा सवाल
टाइगर कॉरिडोर क्षेत्र में इस तरह की घटना ने वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। लेकिन सबसे बड़ा आरोप लापरवाही का वन अमले पर लग रहा है। मैदानी अमले पर गस्ती को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जंगल में करंट को लेकर और खेतों में फेंसिंग वायर को लेकर ठोस कदम न उठाने से भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में अवैध करंट फैलाया जाना वन विभाग की गश्त और निगरानी व्यवस्था की गंभीर पोल खोलता है। यह घटना सिर्फ दो बाघों की मौत नहीं, बल्कि संरक्षण तंत्र की बड़ी नाकामी मानी जा रही है।

