एक दिसम्बर से शुरु होगा समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन अमले को दिया गया प्रशिक्षण  

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एक दिसम्बर से शुरु होगा समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन अमले को दिया गया प्रशिक्षण  

अनूपपुर / खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में जारी उपार्जन नीति के अनुसार 01 दिसम्बर 2023 से 19 जनवरी 2024 तक धान का उपार्जन किया जाएगा। धान उपार्जन मूल्य 2183 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। धान उपार्जन एजेंसी म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेषन लिमिटेड को बनाया गया है। धान उपार्जन हेतु कुल 20 हजार 67 कृषकों का पंजीयन किया गया है। धान उपार्जन कार्य सप्ताह के 5 दिवस सोमवार से शुक्रवार प्रातः 8 बजे से सायं 8 बजे तक होगा। तौल पर्ची सायं 6 बजे तक जारी होगी। इस संबंध में सम्पूर्ण व्यवस्था एवं कृषकों से सुगमतापूर्वक धान खरीदी करने के संबंध में कलेक्ट्रेट स्थित सोन सभागार में अधिकारी-कर्मचारियों को प्रषिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में जिला आपूर्ति अधिकारी श्री बलवेन्द्र सिंह परिहार, सभी कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, लैम्पस, सहकारिता, नागरिक आपूर्ति, वेयर हाऊस के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में धान खरीदी के महत्वपूर्ण बिन्दुओं जैसे टोकन की जानकारी, धान की खरीदी का समय व आवश्‍यक व्यवस्थाएं, किसान का धान न बेचने पर सहमति पत्र भरवाने हेतु आवश्‍यक बिन्दुओं पर चर्चा व धान खरीदी में औसत अच्छी किस्म के धान के उपार्जन के निर्देश दिए गए। धान खरीदी हेतु शासन द्वारा पहले दिन से ही किसान बारदाना की अनुमति प्रदान करने के संबंध में भी किसानों को अवगत कराने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण में अमले को धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था के लिए आवश्‍यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रशिक्षण में धान विक्रय हेतु कृषकों द्वारा स्लाट बुकिंग, उपार्जन प्रारंभ होने के पूर्व एक सप्ताह पूर्व से स्वयं ही स्लाट बुकिंग www.mpeuparjan.nic.in पर की जा सकेगी। इस संबंध में बताया गया कि किसान स्लाट बुकिंग स्वयं के मोबाइल, एमपी ऑनलाईन, सीएससी, लोक सेवा केन्द्र, उपार्जन केन्द्र से करा सकते हैं। बताया गया कि कृषक द्वारा उपज विक्रय हेतु स्लाट बुकिंग उपार्जन के अंतिम 10 दिन को छोड़कर की जा सकती है। स्लाट बुकिंग की वैधता 7 दिवस होगी। स्लाट बुकिंग के समय पोर्टल पर कृषक की बिक्री योग्य कुल मात्रा प्रदर्शित होगी। जिसमें कृषक द्वारा वास्तविक विक्रय योग्य कुल अनुमानित मात्रा की प्रविष्टि करनी होगी। इस मात्रानुसार ही कृषक से खरीदी की जा सकेगी। कृषक द्वारा विक्रय की जाने वाली सम्पूर्ण उपज की स्लाट बुकिंग एक समय में ही करनी होगी। आंशिक स्लाट बुकिंग, आंशिक विक्रय की सुविधा नही होगी।

Bhupendra Patel
Author: Bhupendra Patel

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