हाथी द्वारा ज्ञान सिंह की मौत का घटना वन विभाग के अकर्मण्यता का परिणाम:- जितेंद्र सिंह

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हाथी द्वारा ज्ञान सिंह की मौत का घटना वन विभाग के अकर्मण्यता का परिणाम:- जितेंद्र सिंह

समाजसेवी ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम लिखा पत्र

अनूपपुर/उत्कृष्ट समाजसेवी एवं पूर्व अधिकारी जितेंद्र सिंह निवासी वार्ड नंबर 11 मानागंज जैतहरी जिला अनूपपुर मध्य प्रदेश के द्वारा दिनांक 23 फरवरी 2024 को माननीय महामहिम राज्यपाल महोदय एवं माननीय डॉक्टर मोहन यादव मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन भोपाल को पत्र लेख किया है कि विगत एक माह से डेरा डाले हुए जंगली हाथी ने उत्पाद मचा रखा है तथा ग्रामीण आदिवासी कृषकों के घरों एवं फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है वन विभाग का अमला हाथी के उत्पाद को गंभीरता से नहीं लिया तथा किसानों के हुए नुकसान को नजर अंदाज किया जाता रहा है जिससे किसान उत्पाती हाथी से भयभीत तथा परेशान थे दिनांक 22 फरवरी 2024 को सायं कालीन जंगली हाथी ने गोबरी ग्राम में भारी उत्पात मचाया तथा पगना निवासी ज्ञान सिंह को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया जिससे स्वाभाविक रूप से व्यथित एवं त्रस्त ग्रामीणों द्वारा उग्र होकर वन विभाग तथा पुलिस विभाग के अम्लों का विरोध किया तथा इसके परिणाम स्वरुप लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति निर्मित हुई जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप से ग्रामीण शांत हुए किंतु हाथी के हमले से हो रहे ग्रामीण की मौत से ग्रामीण जनों में भारी आक्रोश व्याप्त है ज्ञात हो कि लगभग दो महीने से हाथी उत्पात मचा रहा था लेकिन वन विभाग का अमला कोई कार्रवाई करने में उदासीन तथा अक्षम साबित हो रहा था इनकी अकर्मण्यता साफ जाहिर हो रही थी वन विभाग के पास उत्पाती हाथी को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए वन विभाग चाहता तो ऐसे आतंकी हाथी को रेस्क्यू करके अपने कब्जे में लिया जा सकता था या अन्यत्र छोड़ा जा सकता था अंततः परिणाम स्वरुप एक आदिवासी युवक के हाथी ने कुचलकर मौत के घाट उतार दिया श्री सिंह ने अपने पत्र में आगे उल्लेख किया है कि इस ओर माननीय जनों का ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं कि जंगली हाथी या जानवर ग्रामीण अंचलों में प्रवेश कर जाते हैं तथा मानव जीवन को खतरा उत्पन्न करते हैं वन्य प्राणियों को आमजन कभी नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं फिर भी मजबूरन अपने सुरक्षा के लिए कोई कदम उठाना पड़ जाता है विगत माह अनूपपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम कांसा में एक आदिवासी के बाड़ी में हाथी प्रवेश कर गया था तथा खुले हुए बिजली के तार से करंट लग जाने के कारण हाथी मर गया परिणाम स्वरुप वन विभाग ने उसे गरीब आदिवासी किसान को हाथी का करंट से मौत का जिम्मेदार मानते हुए मुलजिम बनाकर जेल भेज दिया गया जबकि किसान ग्रामीण इस तरह की घटना नहीं चाहता और ना ही जानबूझकर करता है। पत्र में समाजसेवी जितेंद्र सिंह ने निवेदन किया है कि हिंसक वन प्राणियों द्वारा की जा रही इंसान की मौत एक गंभीर विषय है कृपया इसे गंभीरता से लेने की कृपा करें तथा हिंसक वन्य प्राणियों से मानव जीवन को बचाने के लिए विशेष कार्य योजना तैयार करते हुए वन विभाग को निर्देश देने की कृपा करें साथ ही मृतक परिवार को एक करोड़ अनुकंपा अनुग्रह राशि तथा उसके आश्रितो को वन विभाग में नौकरी दिलाने की महान कृपा हो। मौत के बाद जागा प्रशासन जब हाथी ने काफी उत्पात मचाने के बाद कई लोगों को मौत के घाट उतार दिया तब जाकर प्रशासन अब रेस्क्यू करने का काम कर रही है।

Bhupendra Patel
Author: Bhupendra Patel

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