आदिवासी बाहुल्य जिले में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ को आर्थिक क्षति का पर्याय तो नहीं.?-जितेंद्र सिंह

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आदिवासी बाहुल्य जिले में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ को आर्थिक क्षति का पर्याय तो नहीं.?-जितेंद्र सिंह

प्रायोगिक स्मार्ट मीटर से मुक्त रखने हेतु समाजसेवी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र..

अनूपपुर/जिले के उत्कृष्ट समाज सेवी एवं शिक्षाविद श्री जितेंद्र सिंह निवासी वार्ड नंबर 11 मनागंज जैतहरी के द्वारा दिनांक 20 जून 2024 को मध्य प्रदेश शासन के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, प्रमुख सचिव ऊर्जा विभाग मनु श्रीवास्तव, प्रबंध निदेशक म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड जबलपुर, आशीष वशिष्ठ कलेक्टर जिला अनूपपुर एवं अधीक्षण अभियंता म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड अनूपपुर को पत्र लेख करके आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र जिला अनूपपुर में विद्युत उपभोक्ताओं को प्रायोगिक विद्युत स्मार्ट मीटर से मुक्त रखने के विषय में प्रार्थना पत्र सौंपा है।

स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता भयभीत 

समाजसेवी जितेंद्र सिंह ने अपने प्रार्थना पत्र में लेख किया है कि माननीय आदिवासी बाहुल्य जिला अनूपपुर के गरीब मध्यम वर्गीय तथा सर्वहारा वर्ग के विद्युत उपभोक्ताओं की आवाज आप तक पहुंचा रहा हूं वर्तमान समय में विद्युत वितरण कंपनी के ठेकेदार सह अधिकारी अनूपपुर, चचाई, जैतहरी, कोतमा, बिजुरी, अमरकंटक आदि स्थानों में स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं यह स्मार्ट मीटर क्या है? इसका प्रयोग कब किया गया कोई नहीं जानता निवेदन यह है कि पूर्व से ही विद्युत उपभोक्ताओं के यहां इलेक्ट्रॉनिक मीटर जो गुणवत्ता से परिपूर्ण है लगा हुआ है तथा उपभोक्ता भी इस इलेक्ट्रॉनिक मीटर के बिल से संतुष्ट था तथा विभाग के मानक मापदंडों के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक मीटर सफल रहा है आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के भोले भाले उपभोक्ता इस स्मार्ट मीटर के विद्युत बिल से भयभीत है।

स्मार्ट मीटर क्यों,आर्थिक क्षति का पर्याय तो नहीं.?

समाजसेवी जितेंद्र सिंह ने अपने पत्र में आगे लेख करते हुए माननीय जनों का ध्यान आकृष्ट करते हुए लिखा है कि मैं आदिवासी बाहुल्य जिले की जनता की आवाज की गुहार जो क्रांति के रूप में है वह मैं आप तक पहुंचा रहा हूं कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने से सभी विद्युत उपभोक्ता असंतुष्ट हैं एवं सरकार से यह प्रश्न कर रहे हैं कि इलेक्ट्रॉनिक मीटर की जगह स्मार्ट मीटर की आवश्यकता क्यों पड़ी जब इलेक्ट्रॉनिक मीटर का सफलतापूर्वक प्रयोग विद्युत कंपनी एवं सरकार द्वारा किया जा चुका है तथा उपभोक्ता की यथापूर्ण बिजली के बिल भुगतान करने पड़ते हैं जिसे संपूर्ण विद्युत उपभोक्ता सहर्ष नियमित रूप से भुगतान करते हैं। मध्य प्रदेश की संपूर्ण जनता आपका सेवक की भांति तथा आपके नेतृत्व में प्रदेश की संपूर्ण जनता अगाध विश्वास जाहिर की है वहीं दूसरी ओर विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी अपने चाहते ठेकेदारों को स्मार्ट मीटर लगाने का टेंडर प्रदान कर मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य विद्युत उपभोक्ताओं को कहीं छलने का प्रयास तो नहीं कर रहे हैं स्मार्ट मीटर प्रायोगिक तौर पर सफल है कि नहीं इससे उपभोक्ता अनभिज्ञ है तथा शंका जाहिर कर रहे हैं कि यह स्मार्ट मीटर का बिल कहीं उपभोक्ताओं के आर्थिक क्षति का पर्याय तो नहीं.?

विशेष प्रार्थना.. 

समाजसेवी व समाज के उत्कृष्ट चिंतक सचेतक श्री जितेंद्र सिंह ने अपने पत्र के अंतिम पंक्ति प्रार्थना पत्र में लेख किया है कि मैं आदिवासी बाहुल्य जिले के विद्युत उपभोक्ताओं की आवाज प्रार्थना स्वरूप आप तक पहुंचा रहा हूं कि कृपया इसे उपभोक्ताओं के हित में संज्ञान में लेते हुए आदिवासी बाहुल्य जिले अनूपपुर में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की महान कृपा करें.धन्यवाद।

Bhupendra Patel
Author: Bhupendra Patel

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