*अविनाश शर्मा*
शहडोल=सोहागपुर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत करूआताल के ग्रामीणों को वर्षों बाद भी आंगनबाड़ी केंद्र का भवन की सौगात नहीं मिल पा रहा है। सरकार भले कुपोषण दूर करने के नाम पर करोड़ों खर्च कर रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में योजनाओं की हकीकत साफ नजर आती है। यहां कुपोषण दूर करने के नाम पर खोले गए आंगनबाड़ी केंद्र ही कुपोषण के शिकार नजर आते हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते बच्चों को आंगनवाड़ी भवन के लिए तीन किलोमीटर का सफर करना पड़ता है।।
*आंगनवाडी के बिना बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नहीं मिल पा रही है बुनियादी सुविधाएं*
आंगनवाड़ी केंद्र, सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण इकाई है जो 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को कई आवश्यक सेवाएं प्रदान करती है। इन सेवाओं में पूरक पोषण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और रेफरल सेवाएं शामिल हैं। यदि एक आंगनवाड़ी केंद्र एक साल से भी अधिक समय से नहीं बन पाया है, तो इसका मतलब है कि इन सेवाओं का लाभ उस क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
*प्रस्ताव भेजा लेकिन नहीं मिली स्वीकृति मंत्री विधायक से लगा चुके है पुकार :*
निपनिया भर्राटोला ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव की गर्भवती महिलाएं ,छोटे बच्चों को अगर आंगनवाड़ी में कोई काम करना होता है तो तीन किलोमीटर दूर निपानिया जाना पड़ता है। ऐसे में हमारे गांव की गर्भवती महिलाएं,छोटे बच्चों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि हमारे द्वारा कई बार आंगनबाड़ी भवन के लिए मांग की गई ।साथ ही महिला बाल विकास और कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त माननीय रामलाल रौतेल जी ,संसद महोदय हिमाद्री सिंह जी विधायक श्रीमति मनीषा सिंह जिले के कमिश्नर, कलेक्टर कार्यालय में आवेदन के माध्यम से अवगत कराया गया है साथ ही कई बार पंचायत में प्रस्ताव भी किया गया । मगर धरातल में कोई नतीजा नहीं निकला। ग्राम पंचायत करूआताल के निपनिया गांव भर्राटोला वार्ड नंबर 11और12 में आंगनवाडी भवन इस साल भी स्वीकृत नहीं हुआ।
