संकल्प महाविद्यालय द्वारा सर्प प्रहरी मित्रों का आयोजित किया सम्मान समारोह
अनूपपुर/संकल्प महाविद्यालय द्वारा जिले में वन्यजीव संरक्षण एवं जनहित में उल्लेखनीय कार्य कर रहे सर्प मित्रों- शशिधर अग्रवाल, छोटे लाल यादव, मनोज कुमार यादव, नवीन, धर्मेंद्र कुमार यादव का सम्मान समारोह महाविद्यालय परिसर में बड़े ही गरिमामय रूप में सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अनूपपुर अनुभागीय अधिकारी (SDM) श्री कमलेश पुरी की विशेष उपस्थिति रही। उन्होंने सभी सर्प मित्रों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इनका योगदान समाज और पर्यावरण के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वागत उद्बोधन से हुई। कार्यक्रम मे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित शशिधर अग्रवाल ने विद्यार्थियों को सर्पों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि सांप प्रायः हानिकारक नहीं होते हैं, और उनके संरक्षण से पारिस्थितिक संतुलन बना रहता है। विद्यार्थियों ने अत्यंत रुचि के साथ उनकी बातें सुनीं और अनेक जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।सभी सर्प मित्रों द्वारा वर्षों से किए जा रहे साहसिक कार्यों पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने बताया कि कैसे ये लोग सर्पदंश जैसे संकटपूर्ण समय में लोगों की सहायता करते हैं और सांपों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाते हैं।शशिधर अग्रवाल न केवल एक सक्रिय सर्प मित्र हैं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं। उनका अनुभव नई पीढ़ी को जागरूक और संवेदनशील बनाने में उपयोगी सिद्ध हो रहा है।SDM श्री कमलेश पुरी ने अपने संबोधन में कहा कि “इन सर्प मित्रों का साहस और सेवा समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। इनकी कार्यशैली हमें सिखाती है कि निस्वार्थ सेवा और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का समावेश कितना आवश्यक है।”कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि SDM श्री कमलेश पूरी एवं संकल्प महाविद्यालय संचालक अंकित शुक्ला द्वारा चारों सर्प मित्रों को शॉल, श्रीफल एवं सम्मान पत्र भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। साथ ही महाविद्यालय संचालक अंकित शुक्ला ने सभी अतिथियों और विशेषरूप से सर्प मित्रों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के निर्वहन हेतु सदैव तत्पर रहेगी।यह आयोजन समाज को यह स्पष्ट संदेश देता है कि जब शिक्षण संस्थान और नागरिक मिलकर कार्य करते हैं, तभी एक जागरूक, सुरक्षित एवं संवेदनशील समाज की स्थापना संभव है।
