हाई लेवल संयुक्त शिकायत के बाद वन विभाग में हड़कंप, मजदूरी घोटाले पर वन मंत्री का बड़ा आश्वासन

Share this post

हाई लेवल संयुक्त शिकायत के बाद वन विभाग में हड़कंप, मजदूरी घोटाले पर वन मंत्री का बड़ा आश्वासन

 

शहडोल/बुढ़ार।

दक्षिण वन मंडल शहडोल के पटना सर्किल अंतर्गत खैरहा तेंदूपत्ता समिति में सामुदायिक भवन निर्माण के दौरान सामने आए मजदूरी घोटाला, फर्जी हाजिरी, बिना टेंडर निर्माण, अवैध मुरुम उपयोग और विभागीय मिलीभगत के गंभीर आरोपों को लेकर अब मामला राज्य स्तर तक पहुंच गया है।

पूर्व भाजपा मंडल मीडिया प्रभारी घनश्याम कुमार शर्मा द्वारा वन मंत्री, प्रमुख सचिव वन, श्रम विभाग, PCCF, MP लघु वन उपज संघ, EOW एवं लोकायुक्त को संयुक्त उच्च स्तरीय शिकायत आवेदन सौंपा गया है। शिकायत में इसे संगठित आर्थिक अपराध बताते हुए सख्त जांच और FIR की मांग की गई है।

 

मजदूरी घोटाला सबसे बड़ा आरोप

शिकायत के अनुसार निर्माण कार्य में मजदूरों को सरकारी दर से कम मजदूरी,कैश में भुगतान,दिन कम दिखाकर भुगतान,प्रतिशत कटिंग कर पैसा वापस लेने जैसी गंभीर अनियमितताएं की गईं।

जबकि भुगतान बैंक खातों से अनिवार्य था। यह Minimum Wages Act और Payment of Wages Act का सीधा उल्लंघन बताया गया है। नोडल अधिकारी की भूमिका पर सवाल शिकायत में नोडल अधिकारी जयप्रकाश मौर्य (वन परिक्षेत्र बुढ़ार) पर आरोप है कि बिना टेंडर,बिना विभागीय स्वीकृति,बाहरी जिले अनूपपुर के ठेकेदार ललन सिंह (ग्राम निदामन) को अवैध रूप से कार्य दिलाया गया। बिल वाउचर,मजदूरी भुगतान और निरीक्षण में भी उनकी भूमिका संदिग्ध बताई गई है। इतना ही नहीं, 11 वर्षों से एक ही पदस्थापना को ट्रांसफर नीति का उल्लंघन बताया गया है।अवैध मुरुम उपयोग और बिना टेंडर निर्माण

 

शिकायत में यह भी उल्लेख है कि

शहडोल संभाग में कोई वैध मुरुम खदान नहीं,फिर भी बिना रॉयल्टी और ट्रांजिट पास निर्माण में मुरुम उपयोग हुआ।साथ ही केवल मैटेरियल सप्लाई टेंडर होने के बावजूद निर्माण कार्य कराना गंभीर नियम उल्लंघन है।

 

वन मंत्री से मुलाकात, बड़ा आश्वासन आवेदक घनश्याम कुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने मध्यप्रदेश के वन मंत्री दिलीप अहिरवार से व्यक्तिगत रूप से मिलकर मजदूरी भुगतान घोटाले सहित पूरे मामले की शिकायत की।इस दौरान मंत्री दिलीप अहिरवार ने पत्रकारों से कहा— “आप हमारे पास आवेदन लेकर आए हैं। मामला गंभीर है। हम निश्चित रूप से एक टीम गठित कर इसकी उच्च स्तरीय जांच कराएंगे और जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मजदूरों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”अब निगाहें जांच पर

वन मंत्री के इस बयान के बाद अब पूरे मामले में EOW, लोकायुक्त और श्रम विभाग की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।स्थानीय ग्रामीणों और मजदूरों को उम्मीद है कि मजदूरी घोटाले का सच सामने आएगा और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी।

APR NEWS
Author: APR NEWS

error: Content is protected !!